आजकल टांग का बहुत बोलबाला हैं !! टांग को हम कई नामो से जानते हैं, जिनमे पैर, पाद , पद, लात आदि प्रमुख हैं !
टांग का प्रयोग मुख्यतः तो चलने में होता हैं, मगर आजकल ये चलने के आलावा भी कई उपयोग में आती हैं जैसे तोड़ने, खीचने, अदने आदि!! कई व्यक्तियों ने तो टांग के उपयोग में महारत हासिल कर ली हैं !! नेताओ का तो पेशा ही टांग खीचने और अडाने का होता हैं !!!
आज हर व्यक्ति अपनी टांग उची करने के प्रयत्न में लग रहता हैं, ऐसे में कइयो कि टांग टूट भी जाती हैं !! जो जितना दुसरो कि टांग खिचता हैं !! वह फिर अपनी टांग पर खड़े रहने के लायक नहीं रहता !! आज देश में कई ऐसे नवयुवक हैं जो अपनी टांग पर खड़े नहीं हो प् रहे हैं व देश कि अर्थव्यवस्था कि टांग कमजोर कर रहे हैं !!
कइयो कि फटे में टांग अडाने कि आदत भी होती हैं , जो बहुधा नुकसानदायक होती हैं !! टांग के नहीं होने पर व्यक्ति स्थिर हो जाता हैं तथा कृत्रिम टांगो का सहारा लेता हैं अर्थात बिना टांगो के व्यक्ति का काम नहीं चल सकता !!!
टांग कितना महत्वपूर्ण अंग है ये उनसे जाना जा सकता हैं जिनकी टांग नहीं होती हैं या जो किसी कि टांग अडाने या खीचने के शिकार हुए हैं !! कुछ ऊँची टांग वालो के आगे अच्छे अच्छे घुटने टेक देते हैं!!
कुछ अच्छे लोग अच्छी टांगो का अच्छा उपयोग भी कर लेते हैं जैसे किसी असहाय की मदद में, अच्छे कार्यो को प्रोत्साहन में आदि !!! मगर अब समय आ गया है कि समाज में पुराणी टांगो कि जगह नयी टांग ले और टांग खीचने तथा अडाने जैसी प्रवत्ति में टांग अडाऐ !! तभी भारत विश्व में अपनी टांग ऊँची कर खडा रह सकेगा!!!



